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उत्तराखंड

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखंड विधानसभा को दिया सन्देश

उत्तराखंड की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर विधानसभा में संबोधन

PNS Bureau:- प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज उत्तराखंड विधानसभा को एक विशेष अवसर पर संबोधित किया। इस अवसर का महत्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि राज्य इस वर्ष अपनी सिल्वर जुबली (२५वीं वर्षगांठ) मना रहा है।

उन्होंने कहा कि विधानसभाएँ हमारे संसदीय लोकतंत्र की मूलभूत इकाई हैं। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के उस दर्शन की ओर ध्यान दिलाया जिसमें लगातार जवाबदेही की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी गई है।

राष्ट्रपति ने विधायकों (MLAs) को आगाह किया कि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों से जुड़े रहना होगा और जनकल्याण की दिशा में समर्पित रूप से काम करना होगा। उनका यह भी कहना था कि यह काम राजनीतिक भिन्नता से ऊपर उठकर किया जाना चाहिए, विशेषकर समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के साथ।


🔹 मुख्य बिंदु

  • यह संबोधन उत्तराखंड विधानसभा की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुआ।
  • राष्ट्रपति ने कहा कि विधायकों को ज़मीनी स्तर पर शिकायतों एवं समस्याओं को सुनने और हल करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
  • उन्होंने संविधान अधिकारी व्यवस्था और पारदर्शिता की महत्ता पर भी ज़ोर दिया।
  • साथ ही, उन्होंने लोकतंत्र में जवाबदेही की अवधारणा को पुनः प्रमुखता दी और विधायकों से भरोसे का रिश्ता बनाए रखने को कहा।(PNS)

 

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